“Perplexity CEO: अगर AI की वजह से निकाले जाएं तो घबराना नहीं चाहिए”

Posted on: 2026-03-26


AI: डर या अवसर? Perplexity CEO अरविंद श्रीनिवास का नजरिया

जहां AI के बढ़ते प्रभाव से कई लोगों को अपनी नौकरी गंवाने का डर है, वहीं Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने इस स्थिति को एक नए नजरिए से देखने की सलाह दी है। Fortune की रिपोर्ट के मुताबिक, Nvidia GTC इवेंट में AII-In पॉडकास्ट के दौरान श्रीनिवास ने कहा कि AI की वजह से होने वाली छंटनी से डरने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय, इसे आंत्रप्रन्योरशिप का अवसर माना जाना चाहिए।

नौकरी से असंतुष्ट लोगों के लिए नई राह
श्रीनिवास का कहना है कि ज्यादातर लोग अपनी नौकरी में खुश नहीं होते। ऐसे लोगों के लिए AI एक नया अवसर है—AI टूल्स सीखना और अपना खुद का छोटा बिजनेस शुरू करना। भले ही शुरुआत में कुछ समय नौकरी के बिना बिताना पड़े, लेकिन यह कदम भविष्य में बड़े अवसरों की दिशा में ले जाता है।

AI: स्टार्टअप का इंजन
श्रीनिवास मानते हैं कि AI स्टार्टअप की नींव है। AI छोटे बिजनेस को ज्यादा फुर्तीला और कुशल बनाता है, जिससे बड़ी टीम और भारी फंडिंग की जरूरत कम हो जाती है। उन्होंने TurboAI का उदाहरण दिया—यह AI-पावर्ड फ्लैशकार्ड और क्विज टूल है, जिसे दो कॉलेज छात्र 300 डॉलर (लगभग 28,175 रुपये) से भी कम लागत में लॉन्च कर चुके हैं। आज इस स्टार्टअप के 8.5 मिलियन यूजर्स हैं और यह सिर्फ 13 कर्मचारियों के साथ हर महीने 1 मिलियन डॉलर (लगभग 94 करोड़ रुपये) कमाता है।

सैम ऑल्टमैन का समर्थन
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन भी मानते हैं कि AI ऐसे पहले बिलियन डॉलर के बिजनेस को संभव बना सकता है जिसे सिर्फ एक व्यक्ति चला सके। श्रीनिवास के अनुसार, छोटे बिजनेस में AI का इस्तेमाल कर के बड़े अवसर पैदा किए जा सकते हैं। यानी, AI जहां कुछ लोगों की नौकरी छीन रहा है, वहीं यह कम लोगों में बड़ा बिजनेस बनाने का मौका भी देता है।