भूस्खलन के एक महीने बाद बस्तर का रेल यातायात बहाल हुआ, मालगाड़ियां शुरू हुईं

Posted on: 2026-10-24


जगदलपुर, 24 अक्टूबर। चक्रवात से हुई बारिश से ओडिशा के मालिगुडा क्षेत्र में 24 सितंबर को भारी भूस्खलन हुआ था। इससे तीन स्थानों पर रेलवे ट्रैक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद बस्तर से रेल यातायात पूरी तरह ठप था।

रेलवे विभाग के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप के अनुसार, रेलवे के इंजीनियरिंग और सिग्नल टीमों ने मिलकर ट्रैक को 24 अक्टूबर को बहाली का काम पूरा कर लिया गया। इसके बाद मालगाड़ियों को चलाने की अनुमति दी गई है,

लेकिन यात्री ट्रेनें सुरक्षा कारणाें से चलने की अनुमति नही दी गई है, आगे सब कुछ ठीक रहा ताे यात्री ट्रेनें भी बहाल कर दी जायेगी। उन्हाेने कहा कि अब मालगाड़ियों के चलने से राहत की उम्मीद है। यात्री ट्रेनें बहाल करने से पहले रेलवे सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद निर्णय लिया जायेगा है।

एक महीने तक ट्रेनें बंद रहने से बैलाडीला के एनएमडीसी का लाैह अयस्क की ढुलाई रुक गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनएमडीसी का लगभग 411 करोड़ रुपये का लाैह अयस्क परिवहन प्रभावित हुआ है।

एनएमडीसी की छत्तीसगढ़ इकाई की लौह अयस्क बिक्री में सितंबर माह में गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2026 में बिक्री 21.3 लाख टन रही, जबकि सितंबर 2025 में यह 25.8 लाख टन थी।

यानी सालाना आधार पर 4.5 लाख टन की कमी आई। हालांकि इस गिरावट का पूरा कारण रेलमार्ग पर भूस्खलन को नहीं माना जा सकता। केके रेललाइन का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि बैलाडीला क्षेत्र से निकलने वाले लौह अयस्क की ढुलाई का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होता है।