नई दिल्ली: स्पेस की दुनिया रहस्य और रोमांच से भरी पड़ी है। ऐसे में
क्या आप जानते हैं कि अंतरिक्ष में सोना कितना अलग और रोमांचक हो सकता है। सोना ही
नहीं बल्कि स्पेस में खुद को माइक्रोग्रैविटी में साफ-सुथरा रखना भी किसी चुनौती से
कम नहीं है। इन विषयों पर विस्तार से जानकारी कनाडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) के
एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन ने दी। सामने आए एक पुराने वीडियो में जेरेमी हैनसेन
जानकारी देते नजर आए। नासा के आर्टेमिस II मिशन के क्रू में शामिल जेरेमी ने बताया कि ओरियन
स्पेसक्राफ्ट में वे एक-दूसरे के बगल में झूले जैसे स्लीपिंग बैग में लटककर सोए।
जेरेमी हैनसेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए वीडियो में बताया कि माइक्रोग्रैविटी
में सोना अगले स्तर का अनुभव होता है।
उन्होंने बताया, “हम हैंडरेल्स की मदद से खुद को स्थिर रखे। ये हैंडरेल्स पूरे
यान में लगे रहते हैं, इन्हीं से
हम अपने स्लीपिंग बैग्स को बांधते हैं। सभी क्रू सदस्य एक साथ सोते हैं और केबिन
को सोने के हिसाब से तैयार किया जाता है। जेरेमी ने बताया कि कुछ लोग सीटों पर
सोते हैं तो कोई ऊपर की तरफ। क्रिस्टीना ने ऊपर वाली जगह चुनी थी, जहां उनके पैर डॉकिंग टनल में रहे। इस
स्थिति में वह चमगादड़ की तरह लटकती हुई नजर आईं लेकिन माइक्रोग्रैविटी में यह
बहुत आरामदायक और सुकून भरी जगह है।
जेरेमी हैनसेन ने एक अन्य वीडियो में स्पेस में सफाई का तरीका
भी बताया, उन्होंने कहा कि
स्पेसक्राफ्ट में शावर या बहते पानी की सुविधा नहीं रहती है ऐसे में खुद को साफ
रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। एस्ट्रोनॉट्स अपनी सफाई के लिए वेट वाइप्स
का इस्तेमाल करते हैं। शेविंग के लिए इलेक्ट्रिक रेजर और शरीर की दुर्गंध दूर करने
के लिए डियोडरेंट साथ रखते हैं। वहीं, दांत ब्रश करने के लिए सामान्य टूथब्रश और पानी की छोटी
थैलियां होती हैं। ब्रश करने के बाद पानी निगलने की बजाय उसे तौलिए में थूकना
पड़ता है। जेरेमी ने इसे बैककंट्री कैंपिंग से जोड़ते हुए कहा कि यह थोड़ा वैसा ही
अनुभव है। हालांकि, उनके पास
अपना टॉयलेट जरूर है।